Mirza Ghalib shayari in Hindi मिर्ज़ा ग़ालिब की अनमोल शायरी

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 Best of Mirza Ghalib shayari in Hindi : ग़ालिब उर्दू के महानतम कवि असद उल्लाह ख़ान का काव्य उपनाम है। वह महान दिल्ली के कवियों में से अंतिम हैं, क्योंकि वे महान आधुनिक कवियों में से पहले हैं। वह दो दुनियाओं के बीच बैठता है। शास्त्रीय फ़ारसी और रहस्यवादी दर्शन में प्रशिक्षित, उन्होंने पश्चिमी प्रभावों और भारतीय पुनर्जागरण की भावना से भी प्रभावित किया। “उन्होंने ‘विषम विचारों’ को नियोजित किया और अंग्रेजी मेटाफिजिकल की तरह ‘हिंसा के साथ-साथ उनका मजाक उड़ाया। वह’ विजेता ‘जैसे सैकड़ों और सैकड़ों उर्दू कवियों से ऊपर उठे.

“तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत नहीं है ग़ालिब:
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद”

मिर्ज़ा ग़ालिब की अनमोल शायरी

Mirza Ghalib shayari in Hindi

“लाज़िम था के देखे मेरा रास्ता कोई दिन और:
तनहा गए क्यों , अब रहो तनहा कोई दिन और”

मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी

“निकलना खुद से आदम का सुनते आये हैं लकिन:
बहुत बेआबरू हो कर तेरे कूचे से हम निकले”

मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी

“गैर ले महफ़िल में बोसे जाम के:
हम रहें यूँ तश्ना-ऐ-लब पैगाम के:
खत लिखेंगे गरचे मतलब कुछ न हो:
हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के:
इश्क़ ने “ग़ालिब” निकम्मा कर दिया:
वरना हम भी आदमी थे काम के”

मिर्ज़ा ग़ालिब के शेर

“उग रहा है दर-ओ -दीवार पे सब्ज़ा “ग़ालिब “
हम बयाबान में हैं और घर में बहार आई है”

मिर्ज़ा ग़ालिब के सबसे बेहतरीन शेर

“बाजीचा-ऐ-अतफाल है दुनिया मेरे आगे”
होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे”

Best of Mirza Ghalib shayari in Hindi

“कितने शिरीन हैं तेरे लब के रक़ीब:
गालियां खा के बेमज़ा न हुआ:
कुछ तो पढ़िए की लोग कहते हैं:
आज ‘ग़ालिब ‘ गजलसारा न हुआ”

मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी/कविता हिन्दी में

Mirza Ghalib shayari

“चंद तस्वीर-ऐ-बुताँ , चंद हसीनों के खतूत: .
बाद मरने के मेरे घर से यह सामान निकला”

मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी हिंदी फॉण्ट में

“इश्क़ मुझको नहीं वेहशत ही सही:
मेरी वेहशत तेरी शोहरत ही सही:
कटा कीजिए न तालुक हम से:
कुछ नहीं है तो अदावत ही सही”

मिर्ज़ा ग़ालिब की अनमोल शायरी

“सबने पहना था बड़े शौक से कागज़ का लिबास:
जिस कदर लोग थे बारिश में नहाने वाले:
अदल के तुम न हमे आस दिलाओ:
क़त्ल हो जाते हैं , ज़ंज़ीर हिलाने वाले”

मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी